07/13/2024 9:07 PM

CIA स्टाफ ने पिओपी की बोरियों में 600 किलो डोडा चुरा पोस्त ला रहे नशा तस्कर को किया गिरफ्तार

जालंधर देहाती पुलिस ने पिओपी कि बोरियों में छुपाकर 600 किलो डोडे चुरा पोस्ट ला रहे एक नशा तस्कर को गिरफ्तार कर लिया। सीआईए स्टाफ के इंस्पेक्टर धरमिंदर कल्याण के आईए स्टाफ की टीम ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक नशा तस्कर को 600 किलो चूरा पोस्त सहित गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।

इस संबंध में प्रेस को जानकारी देते हुए डॉ. अंकुर गुप्ता ने बताया कि लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए  सीआईए इंस्पेक्टर धरमिंदर कल्याण के नेतृत्व में एक विशेष टीम रात के समय हाईटेक नाका फिल्लौर में नाकाबंदी कर रखी थी। लुधियाना की ओर से आने वाले वाहनों की जांच की जा रही थी। तभी एक ट्रक जो लुधियाना की तरफ से आ रहा था। जिसे इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कल्याण और इंस्पेक्टर पुष्प बाली ने टार्च से रुकने का इशारा किया, ट्रक का ड्राइवर घबरा गया और ट्रक को लिंक रोड की ओर मोड़ने लगा, उन्होंने बैरिकेड लगाकर रोक दिया ट्रक चालक से नाम पूछा तो उसने अपना नाम रणजोध सिंह उर्फ ​​काला निवासी फिल्लौर के रूप में हुई है । फिल्लौर के डीएसपी सरवन जीत सिंह की उपस्थिति में ट्रक की तलाशी ली गई। जब ट्रक की बॉडी में लदे पी.ओ.पी. के सफेद बैग को उतारकर चेक किया गया तो बैग के नीचे पीले रंग की प्लास्टिक की थैलियां थीं, जिन्हें खोलकर चेक किया गया, 24 बैग प्लास्टिक के थे. कुल बैग का कुल वजन 600 किलोग्राम (06 क्विंटल) था। जिस पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा एनडीपीएस एक्ट थाना फिल्लौर दर्ज किया गया। आरोपी रणजोध सिंह उर्फ ​​काला को रिकार्ड के अनुसार गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। 05 दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।

पूछताछ में आरोपी रणजोध सिंह उर्फ ​​काला ने बताया कि वह शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। वह करीब 15/16 साल से ट्रक चला रहा है। वह राजस्थान से पी.ओ.पी. की सफेद बोरियों में 600 किलो चूरा पोस्त लेकर आता है की जांच में पता चला कि जम्मू जेल में बंद तस्कर हरविंदर सिंह बसी उर्फ ​​हैप्पी पुत्र भाग सिंह निवासी गारा फिलौर ने जेल से यह खेप मंगवाई थी और उसका मनीम माही निवासी गारा फिलौर है। इस खेप की आपूर्ति पहले ही करनी थी। यह खेप गढ़ा फिल्लौर निवासी हरविंदर सिंह उर्फ ​​हैप्पी की हवेली पर पहुंचनी थी, जहां रणजोध सिंह उर्फ ​​काला को खेप के बदले में खर्च के अलावा 40 हजार रुपये मिलने थे। उनके आगे और पीछे के संबंधों की जांच की जा रही है, जिससे उनकी अचल संपत्ति के बारे में और भी खुलासे होने की संभावना है।