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आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस उम्मीदवार सुरिंदर कौर को लेकर किया बड़ा खुलासा , कहा- सीनियर डिप्टी मेयर रहते हुए अपने बेटे को निगम में जेई पद पर किया भर्ती

उनके बेटे करण सुमन को निगम ने ग्रिटिश कंपनी के माध्यम से आउटसोर्स पर भर्ती किया, वह कभी काम पर भी नहीं गया, सिर्फ तनख्वाह लिया – पवन कुमार टीनू

टीनू ने ज्वाइनिंग लेटर पर साइड में सिनियर डिप्टी मेयर के रेफरेंस का भी दावा किया, कहा – यह स्पष्ट तौर पर सरकारी खजाने को चूना लगाना और पद का फायदा उठाना है

कल टीनू ने सुरिंदर कौर के बेटे करण पर कमर्शियल जमीन को गैर-कानूनी तरीके से रेसिडेंशियल बनाकर बेचने का किया दावा गया

जालंधर/चंडीगढ़, 7 जुलाई (EN) आम आदमी पार्टी (आप) ने जालंधर पश्चिम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार सुरिंदर कौर पर जमीन घोटाले के बाद अब फिर एक बड़ा खुलासा किया है। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार सुरिंदर कौर ने सीनियर डिप्टी मेयर रहते हुए अपने बेटे को नगर निगम में जुनियर इंजीनियर (जेई) के पद पर भर्ती कराया। सोमवार वार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इस मामले का खुलासा करते हुए आप नेता पवन कुमार टीनू ने कहा कि सुरिंदर कौर ने अपने बेटे करण सुमन को 9 जनवरी 2019 को निगम में ग्रिटिश कंपनी के माध्यम से आउटसोर्स पर जेई भर्ती कराया। उन्होंने कहा कि जालंधर में हजारों की संख्या में नौजवान इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर बेरोजगार बैठे हैं लेकिन कांग्रेस के पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर उनकी जगह अपने बेटे को नौकरी दे दी। उन्होंने कहा कि उनका बेटा जेई भर्ती होने के बाद कभी काम पर भी नहीं गया। सिर्फ तनख्वाह लिया। यह स्पष्ट तौर पर सरकारी खजाने को चूना लगाना और अपने पद का फायदा उठाना है। टीनू ने ग्रिटिश कंपनी के इस नियुक्ति से संबंधित सिनियर डिप्टी मेयर का रेफरेंस दिया हुआ एक पत्र भी मीडिया को दिखाया और कहा कि सुरिंदर कौर ने पद का सिर्फ अपने परिवार को फायदा पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने सुरिंदर कौर से इस मामले पर जवाब मांगा और कहा कि दरअसल यही कांग्रेस पार्टी का कल्चर है। उसके नेता कुर्सी मिलने के बाद आम लोगों के बजाय अपने परिवार और रिश्तेदार के आर्थिक विकास के लिए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की नीति है कि गरीबों के हक का पैसा लूटो और उसे अपने परिवार के बीच बांटो। उन्होंने कहा कि 2017 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने घर घर नौकरी देने का वादा किया था और जब नौकरी देने की बात आई तो उसके विधायकों और मंत्रियों ने अपने परिवार के लोगों को लगा दिया। सुरिंदर कौर का मामला कांग्रेस के उसी कल्चर का एक उदाहरण है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के उम्मीदवार सुरिंदर कौर पांच साल सीनियर डिप्टी मेयर रहीं, लेकिन कभी भी आमलोगों के लिए मौजूद नहीं रही। उनका दफ्तर हमेशा बंद रहता था। वह डिप्टी मेयर रहते हुए अपने खुद के वार्ड में ट्यूबवेल तक नहीं लगवा सकीं। कल पवन टीनू ने सुरिंदर कौर के बेटे पर जालंधर के देओल नगर में कोकाकोला कंपनी की 125 मरला कमर्शियल जमीन को गैरकानूनी ढंग से रेसिडेंशियल प्लॉट बनाकर बेचने का दावा किया और उस मामले की विजिलेंस जांच कराने की मांग की थी। पवन टीनू ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जालंधर का विकास तभी हो सकता है जब ईमानदार लोग विधायक-मंत्री बनेंगे। इसलिए भ्रष्ट नताओं को वोट के माध्यम से जवाब दें और मोहिंदर भगत जैसे ईमानदार व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि चुने।